मोबाइल से ऑपरेट करते हैं अनार का बगीचा:कपड़ों के बिजनेसमैन ने स्पेन से सीखी खेती, घरवाले देते थे ताना

मोबाइल से ऑपरेट करते हैं अनार का बगीचा:कपड़ों के बिजनेसमैन ने स्पेन से सीखी खेती, घरवाले देते थे ताना

करोड़ों रुपए का कपड़े का कारोबार, दो जिलोंं में कपड़े की फैक्ट्री…यह सब छोड़कर 33 साल के युवक ने अनार की खेती करना तय किया। घरवालों को बताया तो साथ नहीं दिया, ताने देने लगे, लेकिन युवक ने किसी की नहीं सुनी।

जिद की, कपड़ों का बिजनेस छोड़ा और रिसर्च के बाद 3 साल पहले 5 हजार पौधे लगाए। आज खेत में 15 हजार अनार के पौधे हैं, इन पौधों पर फले अनार की कीमत है करीब सवा दो करोड़ रुपए। इस साल वे इनकी फसल भी ले लेंगे।

यह कहानी है पाली शहर में रहने वाले 33 साल के नितिन कोठारी की। बीकॉम करने के बाद वे अपने फैमिली बिजनेस से जुड़ गए, लेकिन संतुष्टि नहीं मिली। एक दोस्त ने अनार की खेती का आइडिया दिया। इसके बाद स्पेन की एक संस्था से तीन माह का ऑनलाइन कोर्स किया। नितिन बताते हैं कि शुरुआत में घरवाले कहते थे कि एसी में रहने वाला कैसे खेती करेगा। नितिन ने एक नहीं सुनी और तीन साल की मेहनत से अनार का सबसे बड़ा बगीचा तैयार कर दिया।

देशभर के अनार के खेतों में किया रिसर्च
नितिन ने बताया कि 3 साल पहले जब अनार की खेती करने की सोची तो राह आसान नहीं थी। किसी ने बताया कि अनार के पौधों को बच्चों की तरह पालना पड़ता है। नितिन ने बेंगलुरु से डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर से डिप्लोमा किया। इसके बाद यू-ट्यूब पर स्पेन की यूनिवर्सिटी से ऑनलाइन खेती का तरीका सीखा। गुजरात-महाराष्ट्र के 50 से ज्यादा अनार के खेतों में जाकर रिसर्च किया। इतना कुछ करने के बाद अनार की खेती को समझा और इसकी शुरुआत की।

खेत में पहुंच रहे खरीदार, बोले: अब सुकून मिलता है
नितिन ने बताया कि उनका 35 साल पुराना कपड़ों की मेन्युफेक्चरिंग का काम है। परिवार यही चाहता था कि वह भी बिजनेस संभाले। उन्होंने जसोल में फैक्ट्री पर भी काम संभाला, लेकिन पॉल्यूशन की वजह से उनका मन उठ गया। घरवालों को बताया तो कहने लगे कि एसी में बैठने वाला और लग्जरी कार में घूमने वाला कैसे खेत संभालेगा। नितिन अनार की खेती समझने के लिए महाराष्ट्र-गुजरात के कई खेताें में घूमे। अब जब अनार आ चुके हैं तो घरवाले भी देखकर खुश होते हैं। खरीदार सीधे खेत में पहुंच रहे हैं। नितिन ने बताया कि सुबह करीब साढ़े पांच बजे खेत पर पहुंच जाते हैं। खेत में काम करने के लिए सात मजदूर रखे हुए हैं।