इटली से राजस्थान आया, बन गया 'कुल्हड़ पिज्जा': मैगी-पावभाजी का भी देसी वर्जन, REEL बनाने को लगती है भीड़

इटली से राजस्थान आया, बन गया 'कुल्हड़ पिज्जा': मैगी-पावभाजी का भी देसी वर्जन, REEL बनाने को लगती है भीड़

मिट्टी के कुल्हड़ में चाय या कॉफी तो आपने भी पी होगी। क्या कुल्हड़ में कभी कुछ खाया है? कल्पना कीजिए कोई आपको पिज्जा, पाव-भाजी, चाउमीन जैसे फास्ट फूड आइटम भी कुल्हड़ में परोसे तो कैसा हो? यूनान में जब 2100 साल पहले किसी ने पहली बार पिज्जा बनाया होगा, तो उसने भी कल्पना नहीं की होगी, कि एक दिन ब्रेड के ऊपर टॉपिंग वाला पिज्जा भारत देश के राजस्थान में जाकर कुल्हड़ में बिकेगा। लेकिन ये सच है, विदेशी पिज्जा का राजस्थानी वर्जन आ चुका है। जो अब मिट्टी की सोंधी-सोंधी खुशबू वाले 'कुल्हड़' में बिक रहा है।

राजस्थानी मिट्टी से बने कुल्हड़ में परोसे जाने वाला पिज्जा आया कहां से, इसकी हिस्ट्री क्या है, आखिर क्यों खाने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है। ये सब बताएंगे साथ ही सबसे लास्ट में एक सवाल से चेक करेंगे कि आपको खाने-पीने की चीजों की कितनी परख है....

तो सबसे पहले बात आज के जायके की...

डोमिनोज, पिज्जा हट जैसी नामी इंटरनेशनल फूड चैन से हटकर कुल्हड़ पिज्जा यूथ के बीच नया ट्रेंड बना हुआ है। इंस्टा, फेसबुक के लिए रील्स बनाने वालों के लिए तो भीड़ उमड़ रही है। वैसे तो कुल्हड़ पिज्जा, मैगी और पाव-भाजी की अलग-अलग खासियत है, लेकिन तीन बातें हर आइटम में कॉमन है, जो युवाओं को इसका दीवाना बना रही हैं।

पहली मिट्टी की खुशबू वाला कुल्हड़, दूसरा फ्लेम गन से फायर करने का प्रोसेस और तीसरा फूड आइटम का लास्ट बाइट तक भी गर्मागर्म रहना। सीजन चाहे जो भी हो, यहां खाने वालों की भीड़ उमड़ती है। अपने ऑर्डर के लिए इंतजार करते हैं और एडवांस भी बुकिंग कराते हैं।

रील्स के दीवानों की पहली पसंद
गिरीश बताते हैं इसकी मेकिंग इतनी इंटरेस्टिंग है कि हर कोई देखना चाहता है। ज्यादातर रील्स बनाने वाले युवाओं कुल्हड़ पिज्जा कुछ ही दिनों में पॉपुलर हो गया। इसके बाद वैशाली नगर में फूड पंप नाम से दूसरी ब्रांच खोली। रोजाना 100 से 150 कुल्हड़ पिज्जा, 100 के करीब कुल्हड मैगी और इतने ही ऑर्डर कुल्हड़ पावभाजी के मिल जाते हैं। अब तो बल्क में भी एडवांस बुकिंग भी मिलने लगी है। ऐसे में जल्द ही और ब्रांच खोलने की तैयारी चल रही है।